पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश की राजनीति में ये कहकर आग लगा दी है कि पीपीपी नेता और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास उन्हें मारने के लिए प्लान बी तैयार है। इमरान खान ने जरदारी पर ये भी आरोप लगाया है कि उन्होंने इस काम के लिए आतंकियों को पैसे भी दिए हैं। इतना ही नहीं पूर्व पीएम ने ये भी कहा कि यदि जरदारी उन्हें कत्ल करवाने में कामयाब हो गए तो जनता को पता होगा कि इसके पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूंख्वां और गिलगिट में होने वाले चुनाव में जरदारी पानी की तरह पैसा बहाने वाले हैं। ये सारा धन उन्होंने देश को लूटकर इकट्ठा किया है।
इमरान खान के इस बयान के बाद पीपीपी ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजने का मन बनाया है। इसमें कहा गया है कि या तो वो देश के सामने अपने बयान पर माफी मांगें या फिर उनके खिलाफ इसके लिए कानूनी कार्यवाही की जाएगी। पीपीपी ने यहां तक कहा है कि इमरान खान पागल को गए हैं। हालांकि नियाजी के बयान से देश के सियासी गिलयारों में पारा काफी बढ़ चुका है। सरकार उनके बयान को केवल एक राजनीतिक स्टंट मान रही है, इसके बाद भी पीटीआई नियाजी के बयान को तूल देने का मन बना लिया है। पीपीपी ने इमरान के बयान के बाद कहा कि वो राजनीतिक रूप से पहले ही मर चुके हैं। देश की जनता उनके बारे में जान चुकी है और वो जनता का समर्थन खो चुके हैं। इसलिए भविष्य में उनके पीएम के तौर पर वापस आने की कोई उम्मीद नहीं है।
इमरान खान अब अपने ऊपर पूर्व में जानलेवा हमले को भुनाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसको ही केंद्र में रखकर इमरान खान ने अब पूर्व पीएम ने पीपीपी को लेकर बयान दिया है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि इमरान खान शुरू से ही ये कहते रहे हैं कि सरकार उनका कत्ल तक करवा सकती है। उनका ये बयान इसलिए भी खासा अहम माना जा रहा है क्योंकि देश में आने वाले समय में चुनाव होने हैं। हालांकि इसको लेकर कोई तारीख की घोषणा अब तक नहीं की गई है। पीटीआई अपने नेता और पूर्व मंत्री फव्वाद चौधरी की गिरफ्तारी के मुद्दे को भी भुनाने में लगा हुई है। फव्वाद की न्यायिक हिरासत को लेकर कोर्ट ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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