पाकिस्तान के हाल इन दिनों बेहाल हैं। एक तरफ देश के बड़े हिस्से में लाइट नहीं है तो दूसरी तरफ आटा, दाल, चावल, तेल की कमी से लोग हलकान हुए जा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कमी और देश में आसमान छूती जरूरी चीजों की कीमतों ने आम आदमी का जीवन मुश्किल में डाला हुआ है। रही सही कसर अब देश की मुद्रा ने पूरी कर दी है। पाकिस्तानी रुपया डालर के मुकाबले दिन पर दिन गिरता जा रहा है। अब यह अपने रिकार्ड स्तर पर आ पहुंचा है।
शुक्रवार को पाकिस्तानी रुपये में डालर के मुकाबले जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और यह सरकारी हलकों में 262 रुपये के भी पार पहुंच गया। वहीं देश की खुद्रा मार्किट में इसकी कीमत इससे भी कहीं अधिक करीब 270 रुपये तक रही। वहीं अफगानिस्तान की मार्किट में इसकी कीमत में रिकार्ड उछाल देखने को मिला। वहां पर एक डालर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कीमत 275 रही। पाकिस्तान में रुपये की गिरती साख और और जरूरी चीजों की कमी वहां की बद से बदत्तर होती स्थिति के बारे में साफ इशारा दे रही है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार को उम्मीद है कि अगले माह तक वो वर्ल्ड बैंक से कर्ज पाने में सफल हो जाएगी।
इस बीच देश की माली हालत पर सरकार और विपक्ष में जोरदार खींचतान जारी है। एक तरफ देश के पूर्व पीएम इमरान खान लगातार खराब होती हालत के लिए शहबाज शरीफ सरकार की गलत नीतियों को दोषी ठहरा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सरकार इसके लिए इमरान खान को ही कटघरे में खड़ा कर रही है।
सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि इमरान खान की सरकार ने देश को बुरी तरह से बर्बाद कर दिया है। इसका खामियाजा जनता और सरकार को भुगतना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तान में जरूरी चीजों के दामों में पिछले कुछ माह में जबरदस्त तेजी दर्ज की जा रही है। आटा, दाल, चावल, दूध समेत सभी चीजों के दामों में 50 से 100 फीसद तक का इजाफा हुआ है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो देश में मुद्रास्फीति की दर पिछले वर्ष नवंबर की तुलना में दिसंबर में बढ़कर 24 फीसद के पार हो गई है, वहीं खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी नवंबर 2022 की तुलना में दिसंबर में 35 फीसद से भी अधिक हो गई है। इसमें प्याज की कीमतों में करीम 415 फीसद, चाय में करीह 64 फीसद, गेहूं की कीमत में करीब 57 फीसद, अंडों की कीमत में करीब 54 फीसद, चावल की कीमत में 47 फीसद हो गई है। खुदरा बाजार में मसूर, मूंग, उड़द और चने की दाल की कीमतें 230 से लेकर 400 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलो तक है। बंदरगाह पर आयातित खेपों की निकासी नहीं हो पा रही है।
पिछले करीब दो महीने से बंदरगाह पर दालों के 6,000 कंटेनरों को क्लीयरेंस नहीं दिए गए हैं। इसके लिए देश में विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। पाकिस्तान में चने की दाल 230-260 रुपये, मसूर और मूंग की दाल 250-300 रुपये, उड़द की दाल 380 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही हैं। पिछले दिनों आई ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2023 में पहले ही देश की खराब हालात के बारे में आशंका जताई गई थी। इस रिपोर्ट में इसके लिए यहां के सामाजिक और राजनीतिक कारणों को इसका जिम्मेदार माना गया था।

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